बर्ड फ्लू (Bird Flu) क्या है और इससे कैसे बचें?

कोरोना वायरस के बारे में तो आप जानते हैं लेकिन आज हम आपको एक ऐसे वायरस के बारे में बताने वाले हैं जो इससे भी ज्यादा खतरनाक माना जा रहा है जिसका नाम है बर्ड फ्लू, जी हाँ देश में पहले ही कोरोना का संक्रमण फैला हुआ है जिससे लोगों में दहशत मची हुयी हैं मगर अब Bird flu वायरस भी हमारे लिए दोहरा संकट पैदा कर रहा हैं।

बर्ड फ्लू को लेकर और वायरस बीमारी को देखते हुए केंद्र सरकार (Central government) ने सभी राज्यों की सरकार को सावधान रहने के आदेश दे दिए हैं। साथ ही, इससे बचाव के लिए सभी को कुछ जरूरी कदम उठाने के निर्देश भी दिए हैं।

ऐसे में बर्ड फ्लू वायरस को लेकर लोगों के मन में कई तरह के सवाल उठ रहे हैं जिनके बारें में जानना हम सभी के लिए बहुत जरूरी हो गया है। इसलिए, इस आर्टिकल में हम आपको इस वायरस के बारे में डिटेल्स के साथ बताने की कोशिश करेंगे।

आईये जानते हैं कि, बर्ड फ्लू वायरस क्या है? इससे कैसे बचें, बर्ड फ्लू कैसे फैलता है, बर्ड फ्लू के लक्षण आदि। इसके अलावा हम आपको बर्ड फ्लू वायरस से बचाव के उपाय भी बताएंगे।

बर्ड फ्लू क्या है? What is Bird Flu in Hindi

बर्ड फ्लू एक वायरस बीमारी है जो पक्षी से पक्षी और पक्षियों से इंसानों में भी फैल सकती है। इसलिए यह बीमारी लोगों के लिए बहुत खतरनाक साबित हो सकती है।

कहा जा रहा है कि, यह बीमारी H5N1 वायरस के कारण फैलती है जिसे एवियन इन्फ्लुएंजा भी कहा जाता है।

यह वायरस कई तरह का होता है जो मनुष्यों को भी संक्रमित कर सकता है, जिनमें से सबसे घातक H5N1 वायरस बताया जा रहा है। इसलिए बर्ड फ्लू वायरस को बेहद खतरनाक बताया जा रहा है।

एवियन इन्फ्लुएंजा वायरस आमतौर पर पानी में रहने वाले पक्षियों में होता है लेकिन ये वायरस पोल्ट्री फॉर्म में रहने वाले पक्षियों या अन्य में भी आसानी से फैल सकता है।

बर्ड फ्लू वायरस से कैसे बचें? How to Avoid Bird Flu Virus in Hindi

एवियन इन्फ्लूएंजा यानि H5N1 वायरस के रूप में संक्रमित जीवित या मरे हुए पक्षियों के संपर्क में आने से होता है इसके अलावा, दूषित वातावरण के संपर्क में आने से भी बर्ड फ्लू का ख़तरा बना रहता है। परंतु, यह आसानी से मनुष्यों को करता है फिर भी बर्ड फ्लू खतरनाक वायरस से सतर्क रहने की काफी जरूरत है।

इस वजह से बर्ड फ्लू वायरस इंसानों में फैलने की संभावना काफी बढ़ जाती है तो इन सभी का ख्याल रखते हुए हमें बर्ड फ्लू वायरस के ख़तरे से बचना चाहिए ताकि इस Bird Flu Virus से सुरक्षित रहे सके। लेकिन नीचे दिए गए कुछ महत्वपूर्ण तथ्यों को भी जानना बेहद ज़रूरी है

पक्षियों के संपर्क से बचें- क्योंकि यही कारण देश में पक्षियों से मनुष्यों में वायरस फैल रहा है और जंगली पक्षियों के नाक, कान, मुंह, मल आदि से निकलने वाले द्रव से भी फैल सकता है। तो इन सभी के संपर्क में आने से बचना चाहिए।

साफ-सफाई का ध्यान रखें- पक्षियों को खुले हाथों से ने पकड़ें और उनसे दूरी बनाए रखे ताकि H5N1 वायरस से बचा जा सके। क्योंकि, बर्ड फ्लू वायरस लगभग 9-10 दिनों तक मल और लार के जरिए वायरस फैल सकता है। इसके अलावा, पोल्ट्री मुर्गियों से भी फैल सकता है।

कच्चा मांस या अंडा न छुए- कच्चा मांस या अंडा भी किसी भी इंसान को संक्रमित कर सकता है इस लिए चिकन या अंडे को धोते वक्त हाथों पर ग्लव्स और मुंह पर मांस ज़रूर पहना चाहिए। क्योंकि, दूषित सरफेस के माध्यम से भी वायरस की चपेट में आ सकते है।

चिकन या अंडा पकाकर खाएं- बर्ड फ्लू वायरस की वजह से कच्चा मांस या अंडा को करीब 70 डिग्री सेल्सियस ताप पर पकाकर खाएं ताकि यह वायरस ताप के कारण नष्ट हो सके। कच्चे मांस या अंडों को खाने की दूसरी वस्तुओं से अलग रखना चाहिए।

मुख्य बातें- ध्यान रहें किसी भी पोल्ट्री मुर्गी फार्म में काम करते वक्त मास्क व हैंड दस्ताने पहनना बहुत जरुरी है। परंतु, प्रभावित इलाकों में जाने से बचना चाहिए और मुर्गी फार्म में कार्य करने वाले लोगों से दूर रहे तथा अन्य संक्रमित लोगों से भी निश्चित दूरी बनाए रखे ताकि बर्ड फ्लू वायरस के प्रकोप से बचा जा सके।

यदि आप भी कुछ दिए गए बिंदुओं के आधार पर बर्ड फ्लू से अपना बचाव करते है तो इस वायरस बीमारी से सुरक्षित रहे सकते है। तो ध्यान रहे बर्ड फ्लू से बचाव ही इलाज है।

बर्ड फ्लू के लक्षण (Symptoms of Bird Flu)

आपको बता दें, वैसे तो आमतौर पर कोरोना वायरस और बर्ड फ्लू के लक्षण काफी मिलते-जुलते होते है। फ़िर भी बर्ड फ्लू वायरस यानि एच5एन1 इन्फेक्शन की चपेट में आने के लक्षण निम्न होते है।

जैसे, सामान्य जुकाम, ख़ासी, नाक बहना, गले में खराश, बुखार, सिरदर्द, डायरिया, मांसपेशियों में दर्द, बेचैनी आँखों, मुंह और नाक के जरिए भी Bird Flu-21 वायरस की समस्या हो सकती है।

यदि एक नज़र डाले तो, बर्ड फ्लू बहुत ही संक्रमक वे कोरोना की तुलना में ज्यादा ख़तरनाक होता है क्योंकि एवियन

इस कारण बर्ड फ्लू मामूली से लेकर गंभीर बीमारी का रूप धारण कर लेता है इसी कारण स्वरूप एहतियात बरतते हुए अपने आप को बचा सकते है और एवियन इन्फ्लूएंजा वायरस से सुरक्षित रहे सकते है।

बर्ड फ्लू से बचाव (Bird Flu Rescue)

अगर देखा जाए तो बर्ड फ्लू पक्षियों से फैलता है जो वायरस पक्षियों से इंसानों में गंभीर समस्या बनकर उभरता है। लेकिन कुछ बिंदुओं को ध्यान में रखते ‘बर्ड फ्लू वायरस’ से बचा जा सकता है।

  • बर्ड फ्लू से बचने के लिए पक्षियों तथा जानवरों से सामान्य दूरी बनाए रखे साथ ही, पक्षी की डेड बॉडी के पास नहीं जाना चाहिए।
  • अगर आप पक्षियों के पास जाते है और उनका मल साफ करते है तो ग्लव्स पहनकर करे।
  • यदि पक्षियों के द्रव से संपर्क में आते है या उनको हाथ से छुते है तो साबुन से अपने हाथों को ज़रूर धोना चाहिए।
  • बर्ड फ्लू वायरस से बचने के लिए समय-समय पर हाथों को सैनिटाइज बेहद जरुरी होता है।
  • पक्षियों से संबंधित कार्य या जो लोग वन विभाग में काम करते है उन्हें जानवरों और पक्षियों से सावधानी बर्तनी चाहिए।
  • अगर पक्षियों के द्रव या मल से संक्रमित हाथ मनुष्य अपने मुंह पर लगाता है तो उसमे भी संक्रमण आने का खतरा बना रहता है।
  • पोल्ट्री फार्म या प्रभावित इलाकों में जाने से बचें साथ ही, किसी भी संक्रमित व्यक्ति से दूरी बनाकर रखें।
  • सरफेस न छुए यानि कच्चा मांस या अंडे को छुते वक्त मुंह पर मास्क और हाथों पर ग्लव्स ज़रूर पहनें।
  • चिकन को करीब 70-100 डिग्री सेल्सियस ताप पर पकाएं क्योंकि ज्यादा ताप से वायरस नष्ट हो जाता है।
  • कच्चे मांस या अंडों को खाने की दूसरी चीजों से अलग रखना चाहिए ताकि बर्ड फ्लू से बचा जा सके और अपने आप को सुरक्षित रख सकें।

अगर आप बर्ड फ्लू वायरस से बचना चाहते है तो तुरंत अपनी आदत को बदल दें क्योंकि कच्चा चिकन, अंडा और अन्य तरह से भी वायरस आपको चपेट में लें सकता है जोकि बर्ड फ्लू के रूप में बेहद खतरनाक बीमारी होती है। तो इस का बचाव ही सबसे बड़ा इलाज होता है।

Conclusion,

इस आर्टिकल में हमने आपको Bird flu Virus के बारे में बताया। बर्ड फ्लू क्या है? बर्ड फ्लू से कैसे बचें, बर्ड फ्लू के लक्षण, बर्ड फ्लू के बचाव आदि। इस आर्टिकल को अंत तक पढ़ने के बाद आपको इन्फ्लूएंजा टाइप-ए यानी एवियन इन्फ्लूएंजा के बारे में पूरी जानकारी मिल गयी होगी।

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