जबलपुर की महिला डॉक्टर पर हाथरस पीड़ित की भाभी बनकर बयान देने का आरोप

जबलपुर की महिला डॉक्टर पर हाथरस पीड़ित की भाभी बनकर बयान देने का आरोप
जबलपुर। उत्तर प्रदेश के बहुचर्चित हाथरस मामले में नेताजी सुभाषचंद्र बोस मेडिकल में फोरेंसिक विभाग में पदस्थ डॉक्टर राजकुमारी बसंल पर पीड़ित बच्ची की भाभी बनकर बयान देने के आरोप लगाए जा रहे हैं। महिला डॉक्टर ने आरोप को झूठा बताते हुए कहा कि वह पीड़ित के स्वजन से मानवता के नाते मिलने हाथरस गई थी। यदि कोई आरोप लगाया जाता है तो वह गलत है। मामले में उत्तर प्रदेश की एसआइटी उनसे पूछताछ करती है, तो वह उसका सहयोग कर मामला स्पष्ट करेंगी।
पांच दिन तक व्यथित थीं
डॉक्टर राजकुमारी ने बातचीत में बताया कि 29 सितंबर से लेकर तीन अक्टूबर तक घटना के बारे में सोचकर व्यथित थी। इसे लेकर पूर्व में कैंडल मार्च और ज्ञापन भी अधिकारियों को सौंपा गया था। जब कुछ नहीं हुआ तो उन्होंने हाथरस जाने का निर्णय लिया और तीन अक्टूबर को ही वे हाथरस के लिए रवाना हो गईं। जब वे शहर लौटीं, तो हाथरस में जो अनुभव किया था उसके बारे में एक वीडियो बनाकर भी सोशल मीडिया पर अपलोड किया था।
मोबाइल ट्रेस कर कॉल रिकार्ड किया जा रहा है
डॉक्टर राजकुमारी ने मीडिया को बताया कि वे चार अक्टूबर को वहां पहुंचीं और पीड़ित के स्वजन से मुलाकात कर उनको आश्वासन दिया कि जब भी उनको जरूरत होगी वे मदद करने हाथरस आ जाएंगी। छह अक्टूबर को वह वापस आ गईं। इस बीच उनके मोबाइल पर कुछ परिचित लोगों के फोन आए। फोन रिसीव नहीं कर पाने के कारण जब उन्होंने फोन लगाया, तो उनके परिचित दंग रह गए और उन्होंने बताया कि फोन लगाने पर लोकेशन विदेश की आ रही थी। डॉक्टर राजकुमारी ने सायबर सेल में शिकायत की है कि उनका फोन ट्रेस करके कॉल रिकार्ड की जा रही है।
मामले में अब तक उत्तरप्रदेश पुलिस ने कोई संपर्क नहीं किया है। यदि पुलिस संपर्क करती है, तो उनका सहयोग किया जाएगा।
सिद्धार्थ बहुगुणा, एसपी जबलपुर

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